रिवर्स शोल्डर रिप्लेसमेंट / आर्थ्रोप्लास्टी (RSA) - सर्जरी के बाद व्यायाम प्रोटोकॉल
यह चरणबद्ध (Phased) रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम नए सर्जिकल इम्प्लांट को सुरक्षित रखने और रोटेटर कफ की अनुपस्थिति की भरपाई के लिए डेल्टॉइड मांसपेशी (Deltoid muscle) को धीरे-धीरे प्रशिक्षित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। जोड़ को खिसकने (Dislocation) से बचाने और लंबे समय तक बेहतर कार्यक्षमता सुनिश्चित करने के लिए इन चरणों का सख्ती से पालन करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
सर्जरी के बारे में पूरी जानकारी के लिए पहले पढ़ें: रिवर्स शोल्डर रिप्लेसमेंट क्या है और किसे इसकी ज़रूरत है। ये व्यायाम केवल मेरी या अपने फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह के अनुसार ही करें।
💬 WhatsApp पर बात करेंसामान्य दिशा-निर्देश (General Guidelines)
- 4 सप्ताह तक केवल पैसिव मोशन (Passive ROM - बिना खुद जोर लगाए)। 6 सप्ताह पर एक्टिव-असिस्टेड मोशन (हल्की मदद से)। 8 सप्ताह पर एक्टिव मोशन (अपने आप)। 8 सप्ताह तक ताकत बढ़ाने वाले (Strengthening) व्यायाम न करें।
- पहले 2 सप्ताह तक कंधे को बाहर की ओर घुमाने (External Rotation - ER) से बचें। 4 सप्ताह तक 30 डिग्री से अधिक पैसिव ER न करें।
- 4 सप्ताह तक हाथ को 0 डिग्री से पीछे ले जाने (Excessive extension) और हाथ को शरीर के बहुत करीब लाकर अंदर घुमाने (End range adduction/Internal Rotation) से बचें।
- 4-6 सप्ताह तक, व्यायाम के समय को छोड़कर, दिन-रात हमेशा एबडक्शन पिलो (Abduction pillow) के साथ स्लिंग/इम्मोबिलाइज़र पहनें।
- सर्जरी के 3 महीने बाद धीरे-धीरे सामान्य हल्की गतिविधियों में वापस लौटने की उम्मीद करें।
- आजीवन प्रतिबंध: शरीर से दूर या सिर के ऊपर 20 पाउंड (लगभग 9-10 किलो) से अधिक वजन कभी न उठाएं, और सिर के ऊपर से कोई चीज न फेंकें (No overhead throwing)।
चरण 1: हीलिंग और पैसिव मोशन (सप्ताह 0–4)
स्लिंग पर निर्भरता और जोड़ की सुरक्षा। प्राथमिक लक्ष्य सर्जरी वाली जगह की सुरक्षा करना, दर्द कम करना और नए जोड़ पर दबाव डाले बिना गंभीर जकड़न को रोकना है।
इम्मोबिलाइज़ेशन: एबडक्शन पिलो के साथ स्लिंग को दिन-रात लगातार पहनें। इसे केवल नहाने, कपड़े पहनने और बताए गए व्यायाम के लिए ही हटाएं।
एबडक्शन पिलो के साथ स्लिंग
सावधानियां:
- ऑपरेशन वाले कंधे से कोई भी सक्रिय (Active) हरकत न करें। अपने हाथ को पीठ के पीछे ले जाने से सख्त बचें (जैसे शर्ट इन करना या पीछे की तरफ हुक लगाना), क्योंकि इस स्थिति में इम्प्लांट के खिसकने का सबसे अधिक खतरा होता है।
- कोई एक्टिव मोशन नहीं।
- 4 सप्ताह तक पूल/पानी में न उतरें।
- ऑपरेशन वाले हाथ पर कोई वजन न डालें (जैसे उठने-बैठने या वॉकर के इस्तेमाल में)।
पहले 2 सप्ताह के व्यायाम (दिन में 3-4 बार)
1. गर्दन, कोहनी, कलाई और हाथ का एक्टिव मोशन (AROM): अपनी गर्दन, कोहनी और कलाई को सभी संभव दिशाओं में धीरे-धीरे मोड़ें और घुमाएं। इन व्यायामों को 1-2 मिनट तक करें, और दिन में 3 से 4 बार दोहराएं।
गर्दन, कोहनी, कलाई और हाथ के व्यायाम
2. सुपाइन पैसिव फॉरवर्ड एलिवेशन (90 डिग्री तक): (यह फिजियोथेरेपिस्ट द्वारा या स्वस्थ हाथ का उपयोग करके किया जाता है) बिस्तर या फर्श पर पीठ के बल सीधे लेट जाएं। अपने स्वस्थ हाथ से, ऑपरेशन वाले हाथ की कलाई या बांह को पकड़ें। ऑपरेशन वाले हाथ को बिल्कुल ढीला (Passive) छोड़ दें। केवल स्वस्थ हाथ की ताकत का उपयोग करके ऑपरेशन वाले हाथ को धीरे-धीरे छत की तरफ सीधा ऊपर उठाएं। जब हाथ 90 डिग्री पर आ जाए तो रुक जाएं। इससे आगे न धकेलें। फिर धीरे-धीरे हाथ को वापस पेट या साइड में आराम की स्थिति में नीचे लाएं। इसे 10 बार दोहराएं।
पीठ के बल लेटकर 90 डिग्री तक पैसिव फॉरवर्ड एलिवेशन
3. स्कैपुलर रिट्रैक्शन (कंधे की हड्डियों को सिकोड़ना): हाथ ढीला छोड़कर सीधे खड़े हो जाएं। अपने कंधों को नीचे रखें (कानों की तरफ न उचकाएं) और धीरे-धीरे अपने कंधे के पीछे की दोनों हड्डियों (Shoulder blades) को एक साथ ऐसे सिकोड़ें जैसे कि उनके बीच कोई पेंसिल पकड़ने की कोशिश कर रहे हों। 5 सेकंड तक रोकें, फिर धीरे-धीरे छोड़ें। 10-12 दोहराव (Repetitions) के 2 सेट करें।
स्कैपुलर रिट्रैक्शन
2-4 सप्ताह: पिछले व्यायाम जारी रखें और ये नए व्यायाम शुरू करें
अब आप शरीर के पास कोहनी रखकर और हाथ को सामने रखकर दैनिक जीवन की हल्की गतिविधियों (जैसे खाना, ब्रश करना, कपड़े पहनना) के लिए हाथ का उपयोग कर सकते हैं।
4. जेंटल पेंडुलम व्यायाम: आगे की ओर झुकें और हाथ को ढीला लटकने दें। शरीर की गति का उपयोग करके हाथ को धीरे-धीरे छोटे गोल घेरे में घुमाएं। इसे 10 बार दोहराएं।
पेंडुलम व्यायाम
5. पैसिव सुपाइन एक्सटर्नल रोटेशन (2 सप्ताह बाद शुरू करें): मरीज सीधे लेटकर रिलैक्स करे। हाथ को शरीर के साइड में रखें, कोहनी 90 डिग्री मुड़ी हो और उंगलियां ऊपर की ओर हों। मरीज को हाथ ढीला छोड़ना चाहिए। थेरेपिस्ट या परिवार का सदस्य हाथ को शरीर से दूर बाहर की तरफ (अधिकतम 30 डिग्री तक) खींचेगा, और फिर वापस शुरुआती स्थिति में लाएगा। इसे 10 बार दोहराएं।
30 डिग्री तक पैसिव एक्सटर्नल रोटेशन
6. पैसिव स्कैपुलर प्लेन एलिवेशन (2 सप्ताह बाद शुरू करें):
- कब शुरू करें: सर्जरी के 2 सप्ताह बाद।
- स्थिति (Scapular Plane): हाथ को बिल्कुल सामने या साइड में उठाने के बजाय, दोनों के बीच (लगभग 30 से 45 डिग्री बाहर की तरफ) उठाया जाता है, जैसे किसी को गले लगाने के लिए 'V' आकार बनाना। ऑपरेशन वाला हाथ बिल्कुल ढीला होना चाहिए। सहायक इसे धीरे-धीरे उठाएगा।
- सीमा: सहायक हाथ को कंधे की ऊंचाई (90 डिग्री) या अधिकतम 120 डिग्री तक उठाए। दर्द होने पर तुरंत रुकें। इसे 10 बार दोहराएं।
स्कैपुलर प्लेन में पैसिव एलिवेशन
7. पैसिव एबडक्शन: अधिकतम 120 डिग्री तक हाथ को साइड में उठाना। इसे 10 बार दोहराएं।
120 डिग्री तक पैसिव एबडक्शन
चरण 2: स्लिंग को हटाना (सप्ताह 4–8)
इस चरण में, हम सुरक्षित वातावरण में डेल्टॉइड मांसपेशी को जगाना शुरू करते हैं और धीरे-धीरे स्लिंग का उपयोग कम करते हैं।
इम्मोबिलाइज़ेशन: चौथे से छठे सप्ताह के दौरान दैनिक गतिविधियों के लिए धीरे-धीरे स्लिंग का उपयोग बंद कर दें।
सावधानियां: चाय के कप से भारी कोई चीज न उठाएं। हाथ को पीठ के पीछे ले जाने से बचें।
व्यायाम (4-6 सप्ताह)
छाती के पार हाथ ले जाने (Adduction + Internal rotation) और पीठ के पीछे हाथ ले जाने (6 सप्ताह तक) से बचें।
1. पुली व्यायाम: दरवाजे वाली पुली का उपयोग करें। दोनों हाथों में हैंडल पकड़ें। स्वस्थ हाथ से नीचे खींचें, जिससे ऑपरेशन वाला हाथ अपने आप ऊपर उठेगा। ऑपरेशन वाले हाथ को बिल्कुल ढीला रखें। इसे 10 बार दोहराएं।
पुली व्यायाम
2. टेबल स्लाइड: टेबल के सामने कुर्सी पर बैठें। टेबल पर एक छोटे तौलिये पर दोनों हाथ रखें। तौलिये को शरीर से दूर आगे की ओर खिसकाएं। साथ ही अपनी छाती को टेबल की तरफ झुकाएं ताकि कंधे में खिंचाव आए। फिर वापस लाएं। इसे 10 बार दोहराएं।
टेबल स्लाइड
3. सब-मैक्सिमल डेल्टॉइड आइसोमेट्रिक: जोड़ को हिलाए बिना दीवार के खिलाफ धीरे से दबाव डालना। यह दर्द रहित होना चाहिए। सुनिश्चित करें कि कोहनी शरीर के पीछे न जाए।
पुश और पुल (Push and pull): कंधे को हिलाए बिना मुट्ठी से दीवार पर रखे तकिए को दबाएं। 15 सेकंड तक रोकें, फिर 15 सेकंड आराम करें। 10 बार करें। यही व्यायाम कोहनी से तकिए को दबाकर दोहराएं।
मुट्ठी और कोहनी से तकिए को दबाना (आइसोमेट्रिक)
आइसोमेट्रिक एक्सटर्नल और इंटरनल रोटेशन: हाथ को शरीर के पास रखकर, दीवार पर रखे तकिए को हाथ के पिछले हिस्से (External rotation के लिए) और हथेली (Internal rotation के लिए) से दबाएं। 15 सेकंड रोकें, 10 बार करें।
आइसोमेट्रिक एक्सटर्नल और इंटरनल रोटेशन
4. सुपाइन एक्टिव-असिस्टेड फॉरवर्ड एलिवेशन: लेटकर दोनों हाथों से एक छड़ी पकड़ें। स्वस्थ हाथ की मदद से छड़ी को सीधा छत की तरफ धकेलें। जब यह लेटकर बिना दर्द के होने लगे, तो यही व्यायाम कुर्सी पर बैठकर करें। इसे 10 बार दोहराएं।
छड़ी की मदद से फॉरवर्ड एलिवेशन
5. सुपाइन एक्टिव-असिस्टेड एक्सटर्नल रोटेशन: पीठ के बल लेटें। दोनों हाथों के बीच एक छड़ी पकड़ें और ऑपरेशन वाले हाथ को शरीर से दूर तब तक धकेलें जब तक हल्का खिंचाव महसूस न हो। धीरे-धीरे रेंज बढ़ाएं। सुबह-शाम 10-10 बार करें।
छड़ी की मदद से एक्सटर्नल रोटेशन
6. एक्टिव असिस्टेड एबडक्शन (साइड में उठाना): यह खड़े होकर या लेटकर कर सकते हैं। छड़ी की मदद से ऑपरेशन वाले हाथ को कोहनी सीधी रखकर साइड में उठाएं। दर्द को गाइड मानते हुए धीरे-धीरे ऊंचाई बढ़ाएं। 10-20 बार करें।
छड़ी की मदद से एबडक्शन
7. एक्सटर्नल रोटेशन बढ़ाएं: 4 से 6 सप्ताह के बीच इसे 60 डिग्री तक ले जाएं। 10-20 बार करें।
60 डिग्री तक एक्सटर्नल रोटेशन
चरण 3: सप्ताह 6-8
आप इंटरनल रोटेशन शुरू कर सकते हैं (आप अपनी हथेली पेट पर रख सकते हैं) और पिछले व्यायाम जारी रख सकते हैं। अब आप ब्रेस/स्लिंग को पूरी तरह से हटा सकते हैं।
इंटरनल रोटेशन: हथेली पेट पर
चरण 4: एक्टिव मोशन और शुरुआती मजबूती (सप्ताह 8–12)
अब ध्यान गुरुत्वाकर्षण के खिलाफ पूरी तरह से बिना किसी सहायता के मूवमेंट (गति) प्राप्त करने और हल्का प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) प्रशिक्षण शुरू करने पर केंद्रित हो जाता है।
सावधानियां: अचानक, जोर लगाकर धकेलने या खींचने वाली गतिविधियों से बचें।
एक्टिव असिस्टेड रेंज ऑफ मोशन (थोड़ी मदद से की जाने वाली गति) पर काम करना जारी रखते हुए, मरीज को अब आगे की ओर हाथ उठाने (फॉरवर्ड एलिवेशन), बाहरी घुमाव (एक्सटर्नल रोटेशन) और एबडक्शन में एक्टिव रेंज ऑफ मोशन (बिना किसी मदद के खुद से गति) शुरू करनी चाहिए।
खड़े होकर एक्टिव फॉरवर्ड एलिवेशन (शीशे में देखें कि कंधा उचक तो नहीं रहा है)। 10-20 बार करें।
एक्टिव फॉरवर्ड एलिवेशन
एक्टिव एबडक्शन (खुद से बांह को शरीर से दूर उठाना)। 10-20 बार करें।
एक्टिव एबडक्शन
बाहरी और भीतरी घुमाव (external and internal rotation)। 10-20 बार करें।
एक्टिव एक्सटर्नल और इंटरनल रोटेशन
थेराबैंड व्यायाम
हल्के रेजिस्टेंस बैंड (Resistance bands) के साथ रोइंग व्यायाम: अपने शोल्डर ब्लेड (कंधे की त्रिकोणी हड्डी) के आसपास की मांसपेशियों का उपयोग करें और अपने शोल्डर ब्लेड को पीछे और नीचे की ओर खींचें। इसी दौरान, जैसा कि चित्र में दिखाया गया है, अपनी कोहनियों को अपने शरीर के करीब रखते हुए रोइंग (नाव चलाने जैसी) गति करें। वापस शुरुआती स्थिति में आ जाएं (कोहनी सीधी)। इसे 10 बार दोहराएं।
थेराबैंड रोइंग
ट्राइसेप्स व्यायाम: जैसा कि चित्र में दिखाया गया है, प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) के खिलाफ अपनी बांह को सीधा करें। इसे 10 बार दोहराएं।
थेराबैंड ट्राइसेप्स व्यायाम
कोहनी मोड़ने वाले व्यायाम: थेराबैंड को अपने पैरों में फंसाकर पकड़ें। फिर कोहनी को मोड़ते हुए इसे प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) के खिलाफ अपनी ओर खींचें। इसे 10 बार दोहराएं।
थेराबैंड से कोहनी मोड़ना
चरण 5: उन्नत मजबूती (महीने 3–6 और आगे)
सामान्य जीवन में वापसी। यह अंतिम चरण स्टैमिना बढ़ाने और मनोरंजक गतिविधियों में लौटने पर केंद्रित है। कंधे की ताकत में 6 से 12 महीने तक सुधार होता है।
सावधानियां: सिर के ऊपर भारी और बार-बार वजन उठाने से बचें। ऐसे खेलों से हमेशा के लिए बचें जिनमें कंधे पर सीधा झटका लग सकता हो (High-impact contact sports)।
व्यायाम: वजन वाले व्यायाम (हल्के डम्बल, सिर के ऊपर अधिकतम 2-5 पाउंड यानी लगभग 1-2 किलो, उन्नत थेराबैंड व्यायाम)।
रेजिस्टेड इंटरनल रोटेशन: थेराबैंड को दरवाजे के हैंडल पर बांधें और हाथ को शरीर के अंदर की तरफ खींचें। कोहनी शरीर से चिपकी रहे। 10 बार करें।
थेराबैंड से रेजिस्टेड इंटरनल रोटेशन
रेजिस्टेड एक्सटर्नल रोटेशन: ऊपर जैसा ही करें, लेकिन इस बार हाथ को शरीर से दूर बाहर की तरफ खींचें। 10 बार करें।
थेराबैंड से रेजिस्टेड एक्सटर्नल रोटेशन
बेंट ओवर हॉरिजॉन्टल एबडक्शन: पेट के बल लेटें और हाथ को किनारे से नीचे लटकने दें। 1 किलो वजन पकड़कर इसे कंधे के स्तर तक उठाएं। धीरे-धीरे नीचे लाएं। 10 बार करें।
बेंट ओवर हॉरिजॉन्टल एबडक्शन
फॉरवर्ड फ्लेक्सन: थेराबैंड को पैर में बांधें। कमर की ऊंचाई से शुरू करके बैंड के तनाव के खिलाफ हाथ को सामने सीधा ऊपर उठाएं। कुछ सेकंड रोकें, फिर नीचे लाएं। इसे 10 बार दोहराएं।
थेराबैंड फॉरवर्ड फ्लेक्सन
एबडक्शन: थेराबैंड पैर में बंधा रहेगा। हाथ को सीधा साइड में ऊपर उठाएं। कुछ सेकंड रोकें, फिर धीरे-धीरे नीचे लाएं। इसे 10 बार दोहराएं।
थेराबैंड एबडक्शन
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
रिवर्स शोल्डर रिप्लेसमेंट के बाद स्लिंग कब हटा सकते हैं?
पहले 4 सप्ताह एबडक्शन पिलो वाली स्लिंग दिन-रात पहननी होती है, केवल नहाने, कपड़े पहनने और व्यायाम के समय हटाएं। 4 से 6 सप्ताह के बीच इसे धीरे-धीरे कम किया जाता है, और 6 से 8 सप्ताह तक ब्रेस पूरी तरह हटाया जा सकता है।
सर्जरी के बाद कौन सी हरकत सबसे खतरनाक है?
हाथ को पीठ के पीछे ले जाना, जैसे शर्ट इन करना या पीछे हुक लगाना, इसमें इम्प्लांट खिसकने का सबसे ज़्यादा खतरा होता है। शुरुआती हफ्तों में छाती के पार हाथ ले जाने और ऑपरेशन वाले हाथ पर वजन डालकर उठने से भी बचें।
ताकत बढ़ाने वाले व्यायाम कब शुरू कर सकते हैं?
पहले 8 सप्ताह तक कोई स्ट्रेंथनिंग नहीं। 8 से 12 सप्ताह के बीच हल्के थेराबैंड व्यायाम शुरू होते हैं, और 3 महीने के बाद हल्के वजन के साथ मजबूती के व्यायाम।
क्या ये व्यायाम घर पर कर सकते हैं?
हाँ, अधिकांश व्यायाम घर पर किए जाते हैं। शुरुआती हफ्तों में हाथ को ढीला रखना होता है, इसलिए परिवार का सदस्य या फिजियोथेरेपिस्ट हाथ को हिलाता है, या आप स्वस्थ हाथ की मदद से उसे उठाते हैं।
सर्जरी के बाद कितना वजन उठा सकते हैं?
शुरुआती हफ्तों में चाय के कप से भारी कुछ नहीं। जीवनभर शरीर से दूर या सिर के ऊपर लगभग 9-10 किलो (20 पाउंड) से ज़्यादा वजन न उठाएं और सिर के ऊपर से कुछ न फेंकें।
रिकवरी में मदद चाहिए?
हर कंधा अपनी गति से ठीक होता है। यदि किसी व्यायाम में दर्द, सूजन या कोई शंका हो, तो आगे बढ़ने से पहले हमसे बात करें। सर्जरी की पूरी जानकारी के लिए पढ़ें रिवर्स शोल्डर रिप्लेसमेंट – संपूर्ण गाइड, या देखें जयपुर में शोल्डर रिप्लेसमेंट सर्जरी।
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