जंपर्स नी (पटेलर टेंडिनोपैथी)
- पैटेलर टेंडिनोपैथी या जंपर्स नी एथलीटों या खिलाड़ियों में आम है, खासतौर पर उन लोगों को जो कूदने और दौड़ने में सक्रिय रहते हैं । वॉलीबॉल और बास्केटबाल खिलाड़ी में विशेष रूप से होने की अधिक सम्भावना है ।लक्षण :
रोगी आमतौर पर एक युवा सक्रिय व्यक्ति होता है जो पेटेला टेंडन के सामने घुटने के दर्द की शिकायत करता है। कूद और दौड़ने से दर्द बढ़ जाता है। कभी-कभी सीढ़ियां चढ़ते समय या बहुत समय से बैठे रहने के बाद उठने मैं भी परेशानी हो सकती है। पटेला के नीचे दबाने मैं दर्द महसूस होता है ।
जोखिम कारक:
पैटेलर टेंडन का दर्द उन एथलीटों में आम है जो कंक्रीट सतह पर दौड़ते या प्रशिक्षित होते हैं। I jumpers जो सही तरीके से ज़मीन पे लैंड नही करते है उनमें भी patellar tendinopathy हो सकती है
उपचार:
- पेटेलर टेंडन पर भार कम करें: खेलकूद वाली गतिविधियों की अवधि तीव्रता एंड मात्रा घटायें (खेलने की तीव्रता या समय कम करे)। पूरा आराम जरूरी नहीं है।
- ड्रॉप स्क्वाट: यह सामान्य स्क्वाट से अलग है इसमें बहुत जल्दी नीचे बैठना होता है। अपने दोनों पेरो को एक साथ रख के सीधा खड़े हों, ओर तुरंत स्क्वाट की स्तिथि में नीचे आएं, फिर पुनः शुरुवाती स्तिथि में खड़े हो जाएं.। 10 बार दोहराएं और इसे 6 सप्ताह के लिए दिन में 3 बार करें।

- डिकलाइन स्क्वाट (एक्सेंट्रिक क्वाड्रिसेप्स स्ट्रेग्थिनिंग): 25 डिग्री डिक्लाइन बोर्ड पर एक पैर से खड़े होकर स्क्वाट करें। नीचे जाते वक्त पीड़ित पैर पर वजन ले ( डाउनवर्ड कॉम्पोनेन्ट और एक्सेंट्रिक फेज ) ओर ऊपर उठते हुए स्वस्थ पैर पर वजन ले (अपवर्ड कॉम्पोनेन्ट ओर कन्सेन्ट्रिक) । 15 बार दोहराएं और इसे 12 सप्ताह तक दिन में दो बार करें। इसमें शुरू में घुटने के जोड़ में दर्द बढ़ेगा। धीरे-धीरे यह सही होने लगेगा। एक बार दर्द सही होने पे कंधे पर वजन बांध के( बैक पैक पहनकर) कसरत करे। फिर से इसमें टेंडन पर ज़ोर पड़ने से दर्द बढ़ेगा, लेकिन कुछ ही हफ़्तों में फिर सही होने लगेगा ।

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